TDS (Tax Deducted at Source) का मतलब है कि आपको भुगतान करने वाला उसका एक हिस्सा टैक्स के रूप में काटकर आपके नाम से सरकार के पास जमा कर देता है। FD के ब्याज पर बैंक यह करता है, प्रोफ़ेशनल फ़ीस पर आपका क्लाइंट, और किराए पर किराएदार कंपनी। TDS कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। यह आपके इनकम टैक्स का पहले से किया गया भुगतान है, जो रिटर्न भरते समय आपके आख़िरी टैक्स में एडजस्ट हो जाता है।
TDS कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- भुगतान का प्रकार चुनें, जैसे FD का ब्याज, किराया या प्रोफ़ेशनल फ़ीस।
- राशि डालें। लेबल बताता है कि क्या डालना है, जैसे पूरे साल का ब्याज या एक महीने का किराया।
- चुनें कि पाने वाले ने अपना PAN दिया है या नहीं।
कैलकुलेटर TDS, TDS के बाद बची रकम, दर, वह सीमा जिसके ऊपर TDS कटता है, और क़ानून का सेक्शन दिखाता है।
अप्रैल 2026 से क्या बदला
1 अप्रैल 2026 से नए Income-tax Act, 2025 ने Income-tax Act, 1961 की जगह ले ली है। TDS के जो नियम सेक्शन 193 से 196D तक फैले थे, वे अब एक ही जगह, सेक्शन 393 में हैं (सैलरी और EPF सेक्शन 392 में)। TDS की दरें और सीमाएँ वही रहीं जो FY 2025-26 में थीं। कैलकुलेटर नया और पुराना, दोनों सेक्शन दिखाता है, क्योंकि ज़्यादातर लोग इन्हें अब भी 194A, 194J जैसे नामों से जानते हैं।
बैंक से TDS रुकवाने वाले Form 15G और 15H की जगह अब सभी उम्र के लिए एक ही Form 121 है।
TDS का फ़ॉर्मूला
TDS = राशि × TDS दर ÷ 100 (सिर्फ़ तब जब राशि सीमा से ज़्यादा हो)
मिलने वाली रकम = राशि − TDS
उदाहरण
- FD का ब्याज, उम्र 60 से कम: बैंक साल में ₹80,000 ब्याज देता है। यह ₹50,000 की सीमा से ज़्यादा है, इसलिए 10% TDS ₹8,000 कटेगा और आपको ₹72,000 मिलेंगे।
- वही ब्याज, वरिष्ठ नागरिक: सीमा ₹1,00,000 है, इसलिए ₹80,000 पर कोई TDS नहीं कटेगा।
- PAN नहीं दिया: उसी ₹80,000 पर TDS 20% हो जाता है, यानी ₹16,000।
- फ़्रीलांसर की फ़ीस: क्लाइंट साल में ₹1,20,000 देता है। 10% TDS ₹12,000 है।
- ऑफ़िस का किराया: कंपनी हर महीने ₹60,000 किराया देती है। 10% TDS हर महीने ₹6,000 है।
- ₹60 लाख का फ़्लैट ख़रीदना: ख़रीदार 1% काटता है, यानी ₹60,000।
FY 2026-27 की TDS दरें और सीमाएँ
| भुगतान | पुराना सेक्शन | TDS कब कटता है | दर |
|---|---|---|---|
| बैंक या पोस्ट ऑफ़िस से FD/RD ब्याज | 194A | सालाना ₹50,000 से ज़्यादा (60+ के लिए ₹1,00,000) | 10% |
| दूसरों से ब्याज | 194A | सालाना ₹10,000 से ज़्यादा | 10% |
| डिविडेंड | 194 | सालाना ₹10,000 से ज़्यादा | 10% |
| म्यूचुअल फंड आमदनी (IDCW) | 194K | सालाना ₹10,000 से ज़्यादा | 10% |
| ज़मीन, बिल्डिंग या फ़र्नीचर का किराया | 194-I | हर महीने ₹50,000 से ज़्यादा | 10% |
| प्लांट या मशीनरी का किराया | 194-I | हर महीने ₹50,000 से ज़्यादा | 2% |
| व्यक्ति/HUF द्वारा किराया (ऑडिट नहीं) | 194-IB | हर महीने ₹50,000 से ज़्यादा | 2% |
| प्रोफ़ेशनल फ़ीस | 194J | सालाना ₹50,000 से ज़्यादा | 10% |
| टेक्निकल सर्विस की फ़ीस | 194J | सालाना ₹50,000 से ज़्यादा | 2% |
| कॉन्ट्रैक्टर | 194C | एक भुगतान में ₹30,000 या सालाना ₹1,00,000 से ज़्यादा | व्यक्ति/HUF 1%, बाकी 2% |
| कमीशन या ब्रोकरेज | 194H | सालाना ₹20,000 से ज़्यादा | 2% |
| बीमा कमीशन (व्यक्ति) | 194D | सालाना ₹20,000 से ज़्यादा | 2% |
| लॉटरी, गेम शो में जीत | 194B | हर जीत पर ₹10,000 से ज़्यादा | 30% |
| ऑनलाइन गेमिंग में जीत | 194BA | किसी भी रकम पर | 30% |
| प्रॉपर्टी ख़रीदना | 194-IA | ₹50 लाख या ज़्यादा | 1% |
| 5 साल से पहले EPF निकासी | 192A | ₹50,000 या ज़्यादा | 10% |
| पार्टनर की सैलरी या कमीशन | 194T | सालाना ₹20,000 से ज़्यादा | 10% |
अगर पाने वाला PAN नहीं देता, तो TDS 20% या सामान्य दर, जो भी ज़्यादा हो, कटता है।
ज़्यादा TDS से कैसे बचें
- अपना PAN दें हर उस व्यक्ति या संस्था को जो आपको भुगतान करती है। इसके बिना TDS आमतौर पर 20% कटता है।
- Form 121 जमा करें अपने बैंक या कंपनी में, अगर आपकी कुल आमदनी टैक्स सीमा से कम है। अप्रैल 2026 से इसने Form 15G और 15H की जगह ली है।
- कम TDS का सर्टिफ़िकेट माँगें इनकम टैक्स विभाग से, अगर आपका असली टैक्स TDS से बहुत कम बनेगा।
अपना TDS कैसे देखें और वापस लें
TDS का हर रुपया आपके PAN पर जमा होता है। इसे आप इनकम टैक्स ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर अपने सालाना टैक्स स्टेटमेंट में देख सकते हैं। रिटर्न भरते समय TDS आपके देय टैक्स में से घट जाता है। अगर असली टैक्स से ज़्यादा TDS कटा है, तो ज़्यादा रकम आपके बैंक खाते में रिफ़ंड हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या TDS कोई अतिरिक्त टैक्स है?
नहीं। TDS आपके इनकम टैक्स का ही हिस्सा है, जो पहले से लिया जाता है। रिटर्न भरते समय यह आपके कुल टैक्स में एडजस्ट होता है, और ज़्यादा कटा हो तो वापस मिलता है।
TDS का रिफ़ंड कैसे मिलता है?
इनकम टैक्स रिटर्न भरें। अगर कटा हुआ TDS साल के आपके टैक्स से ज़्यादा है, तो रिटर्न प्रोसेस होने के बाद विभाग अंतर की रकम आपके बैंक खाते में लौटा देता है।
क्या वरिष्ठ नागरिकों के FD ब्याज पर TDS कटता है?
सिर्फ़ तब, जब एक बैंक से साल का ब्याज ₹1,00,000 से ज़्यादा हो। जिन वरिष्ठ नागरिकों का टैक्स शून्य है, वे Form 121 देकर TDS पूरी तरह रुकवा सकते हैं।
Form 121 क्या है?
यह एक स्व-घोषणा (self-declaration) है जो बैंक या भुगतान करने वाले को बताती है कि TDS न काटें, क्योंकि आपकी कुल आमदनी टैक्स सीमा से कम है। अप्रैल 2026 से इसने Form 15G और Form 15H, दोनों की जगह ली है।
सेक्शन 393 क्या है?
यह Income-tax Act, 2025 का वह सेक्शन है जिसमें अप्रैल 2026 से TDS के लगभग सारे नियम हैं। इसने 194A, 194C, 194I और 194J जैसे पुराने सेक्शन की जगह ली है, दरें वही रखते हुए।
क्या यह कैलकुलेटर सैलरी पर TDS निकालता है?
नहीं। सैलरी पर TDS आपकी पूरी आमदनी, छूट और टैक्स सिस्टम पर निर्भर करता है, इसलिए उसके लिए पूरा इनकम टैक्स हिसाब चाहिए।