ब्रोशर में लिखा माइलेज टेस्ट की स्थितियों में नापा जाता है। असली माइलेज ट्रैफ़िक, चलाने के तरीके, वज़न और टायर प्रेशर पर निर्भर करता है। यह कैलकुलेटर फ़ुल टैंक तरीके से वह माइलेज निकालता है जो आपको सच में मिलता है, और हर किलोमीटर का ईंधन ख़र्च भी।
माइलेज कैसे नापें (फ़ुल टैंक तरीका)
- टंकी फ़ुल कराएँ और ओडोमीटर की रीडिंग लिखें।
- आम तरीके से चलाएँ, जब तक फिर पेट्रोल की ज़रूरत न हो।
- टंकी फिर फ़ुल कराएँ, और भरे गए लीटर व नई ओडोमीटर रीडिंग लिखें।
- दोनों ओडोमीटर रीडिंग, दूसरी बार भरे गए लीटर और ईंधन की क़ीमत डालें।
दूसरी बार भरे गए लीटर उतनी दूरी में ख़र्च हुए ईंधन के बराबर होते हैं।
फ़ॉर्मूला
दूरी = टंकी भरते समय ओडोमीटर − शुरू का ओडोमीटर
माइलेज = दूरी ÷ भरे गए लीटर
प्रति किमी ख़र्च = प्रति लीटर क़ीमत ÷ माइलेज
उदाहरण
फ़ुल टैंक पर ओडोमीटर 12,000 किमी था। अगली बार फ़ुल कराते समय 12,450 किमी था और ₹105 प्रति लीटर पर 30 लीटर पेट्रोल लगा।
- दूरी: 450 किमी
- माइलेज: 450 ÷ 30 = 15 किमी प्रति लीटर
- ईंधन ख़र्च: ₹7 प्रति किमी, यानी 450 किमी के लिए ₹3,150
अच्छे माइलेज के लिए
- टायर में सही प्रेशर रखें।
- आराम से चलाएँ: अचानक तेज़ी और ब्रेक से ईंधन बर्बाद होता है।
- ज़्यादा देर इंजन चालू खड़ा न रखें, और समय पर सर्विस कराएँ।
- भरोसेमंद आँकड़े के लिए कुछ बार नापकर औसत लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बाइक का माइलेज कैसे निकालें?
यही फ़ुल टैंक तरीका: दो फ़ुल टैंक के बीच चली दूरी को दूसरी बार भरे गए लीटर से भाग दें।
मेरा माइलेज कंपनी के आँकड़े से कम क्यों है?
कंपनी के आँकड़े तय लैब टेस्ट से आते हैं। शहर का ट्रैफ़िक, AC, ज़्यादा वज़न और कम टायर प्रेशर असली माइलेज घटाते हैं।
सफ़र का ईंधन ख़र्च कैसे निकालें?
इस पेज से मिले असली माइलेज के साथ ईंधन ख़र्च कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।