औसत (माध्य) संख्याओं के समूह को समझने का सबसे आम तरीका है: क्लास के अंक, महीने के ख़र्च, रोज़ की बिक्री। यह कैलकुलेटर माध्य के साथ माध्यिका, बहुलक और परिसर भी देता है, जो तब काम आते हैं जब कुछ बहुत बड़ी या छोटी संख्याएँ औसत को खींच लेती हैं।
औसत कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
अपने नंबर कॉमा या स्पेस से अलग करके लिखें या पेस्ट करें, जैसे 12, 15, 18, 20, 20, 25। दशमलव और ऋणात्मक संख्याएँ भी चलेंगी।
फ़ॉर्मूले
माध्य (औसत) = सभी संख्याओं का जोड़ ÷ संख्याओं की गिनती
माध्यिका = क्रम में लगाने पर बीच की संख्या (गिनती सम हो तो बीच की दो संख्याओं का औसत)
बहुलक = जो संख्या सबसे ज़्यादा बार आए
परिसर = सबसे बड़ी − सबसे छोटी
उदाहरण
संख्याएँ: 12, 15, 18, 20, 20, 25
- जोड़: 110, गिनती: 6
- माध्य: 110 ÷ 6 = 18.3333
- माध्यिका: बीच की दो संख्याएँ 18 और 20, इसलिए (18 + 20) ÷ 2 = 19
- बहुलक: 20 (दो बार आया)
- परिसर: 25 − 12 = 13
माध्य या माध्यिका?
माध्य हर संख्या इस्तेमाल करता है, इसलिए एक बहुत बड़ी संख्या उसे ऊपर खींच सकती है। जैसे चार दोस्त ₹20,000 कमाते हैं और एक ₹2,00,000, तो माध्य ₹56,000 है लेकिन माध्यिका ₹20,000, जो समूह को बेहतर बताती है। आमदनी, क़ीमतों और बहुत ऊँची-नीची संख्याओं वाले डेटा के लिए माध्यिका इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
अंकों का औसत कैसे निकालें?
सभी विषयों के अंक जोड़ें और विषयों की संख्या से भाग दें। प्रतिशत के लिए मार्क्स परसेंटेज कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
क्या एक से ज़्यादा बहुलक हो सकते हैं?
हाँ। अगर दो या ज़्यादा संख्याएँ बराबर और बाक़ियों से ज़्यादा बार आएँ, तो सभी बहुलक हैं। अगर हर संख्या एक बार आए, तो कोई बहुलक नहीं।
भारित औसत (weighted average) क्या है?
ऐसा औसत जिसमें कुछ मान दूसरों से ज़्यादा गिने जाते हैं, जैसे CGPA में क्रेडिट। हर मान को उसके भार से गुणा करें, जोड़ें और कुल भार से भाग दें।