भारत में टैक्स के नियम लगभग हर बजट में बदलते हैं। ये कैलकुलेटर नए इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के तहत FY 2026-27 के नियमों पर चलते हैं, और हर पेज नतीजे के पीछे के स्लैब, सीमाएँ और सेक्शन आसान भाषा में समझाता है।
कौन-सा कैलकुलेटर इस्तेमाल करें?
- सालाना टैक्स: इनकम टैक्स कैलकुलेटर नए और पुराने सिस्टम की आमने-सामने तुलना करता है।
- हर महीने की सैलरी: सैलरी कैलकुलेटर PF, प्रोफ़ेशनल टैक्स और इनकम टैक्स के बाद CTC को इन-हैंड सैलरी में बदलता है।
- किराये पर छूट: HRA कैलकुलेटर बताता है कि हाउस रेंट अलाउंस का कितना हिस्सा टैक्स-फ़्री है।
- नौकरी छोड़ना: ग्रेच्युटी कैलकुलेटर आपकी ग्रेच्युटी और उसका टैक्स-फ़्री हिस्सा दिखाता है।
- शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचना: कैपिटल गेन कैलकुलेटर।
- स्रोत पर कटौती: TDS कैलकुलेटर सैलरी, FD ब्याज, किराया, प्रोफ़ेशनल फ़ीस और दूसरे भुगतानों के लिए है।
- बिज़नेस: GST कैलकुलेटर किसी क़ीमत में GST जोड़ता या हटाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मेरे लिए कौन-सा टैक्स सिस्टम बेहतर है?
नए सिस्टम में दरें कम हैं और ₹12 लाख की टैक्स वाली आमदनी तक कोई टैक्स नहीं (नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद ₹12.75 लाख), लेकिन इसमें बहुत कम छूट मिलती हैं। अगर आप HRA, होम लोन ब्याज और 80C जैसी बड़ी छूट लेते हैं, तो पुराना सिस्टम बेहतर हो सकता है। इनकम टैक्स कैलकुलेटर दोनों दिखाता है ताकि आप तुलना कर सकें।
क्या ये कैलकुलेटर नए इनकम-टैक्स एक्ट के हिसाब से अपडेट हैं?
हाँ। ये FY 2026-27 के स्लैब और 1 अप्रैल 2026 से लागू नए सेक्शन नंबर इस्तेमाल करते हैं। हम हर बजट के बाद इन्हें जाँचते हैं।
क्या नतीजा मेरा बिल्कुल सही टैक्स है?
आम मामलों के लिए यह क़रीबी अनुमान है। दूसरी आमदनी, ख़ास दरों, छूट और सरचार्ज के नियमों की वजह से असली टैक्स अलग हो सकता है। रिटर्न भरने से पहले टैक्स विशेषज्ञ से पक्का करें।