स्टॉक एवरेज कैलकुलेटर

एक ही शेयर अलग-अलग क़ीमतों पर ख़रीदने के बाद अपनी औसत ख़रीद क़ीमत और आज का मुनाफ़ा या नुकसान जानें।

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नतीजा

आपकी औसत ख़रीद क़ीमत
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कुल शेयर
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कुल निवेश
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आज की वैल्यू
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मुनाफ़ा या नुकसान
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मुनाफ़ा या नुकसान %
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जब आप किसी शेयर को अलग क़ीमत पर और ख़रीदते हैं, तो आपकी औसत ख़रीद क़ीमत बदल जाती है। असली मुनाफ़ा या नुकसान जानने और और ख़रीदने का फ़ैसला लेने के लिए यह ज़रूरी है। कैलकुलेटर तीन ख़रीद तक का हिसाब करता है और आपके औसत की तुलना आज के भाव से करता है।

स्टॉक एवरेज कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें

  1. हर ख़रीद के लिए शेयरों की संख्या और प्रति शेयर क़ीमत डालें। अगर दो बार ही ख़रीदा है तो तीसरी ख़रीद 0 रहने दें।
  2. वैकल्पिक: मुनाफ़ा या नुकसान देखने के लिए आज का बाज़ार भाव डालें।

स्टॉक एवरेज का फ़ॉर्मूला

औसत क़ीमत = (Q1 × P1 + Q2 × P2 + Q3 × P3) ÷ (Q1 + Q2 + Q3)

हर ख़रीद को शेयरों की संख्या के हिसाब से वज़न मिलता है, इसलिए बड़ी ख़रीद औसत को छोटी ख़रीद से ज़्यादा हिलाती है।

उदाहरण

आपने ₹250 पर 100 शेयर ख़रीदे, फिर भाव गिरने पर ₹200 पर 50 और।

  • कुल शेयर = 150
  • कुल निवेश = ₹25,000 + ₹10,000 = ₹35,000
  • औसत ख़रीद क़ीमत = 35,000 ÷ 150 = ₹233.33

अगर शेयर अब ₹230 पर है, तो आपकी होल्डिंग ₹34,500 की है, यानी ₹500 (−1.43%) का नुकसान। दूसरी ख़रीद के बिना ₹230 पर आपका नुकसान 8% होता।

तय औसत के लिए कितने शेयर ख़रीदें?

ख़रीदने वाले शेयर = मौजूदा शेयर × (मौजूदा औसत − लक्ष्य औसत) ÷ (लक्ष्य औसत − ख़रीद भाव)

₹233.33 का औसत ₹200 पर ख़रीदकर ₹220 तक लाने के लिए: 150 × (233.33 − 220) ÷ (220 − 200) = 100 शेयर।

सावधानी की बात

एवरेज डाउन करने से औसत क़ीमत घटती है, लेकिन इसका मतलब गिरते शेयर में और पैसा लगाना भी है। ऐसा तभी करें जब आपको कंपनी पर अब भी भरोसा हो, सिर्फ़ काग़ज़ पर नुकसान घटाने के लिए नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

एवरेज डाउन क्या है?

किसी शेयर का भाव गिरने के बाद उसे और ख़रीदना, जिससे आपकी औसत ख़रीद क़ीमत घटती है।

क्या औसत में ब्रोकरेज और टैक्स शामिल हैं?

नहीं। कैलकुलेटर सिर्फ़ शेयर की क़ीमत इस्तेमाल करता है। ब्रोकरेज और दूसरे चार्ज शामिल करने हों तो उन्हें प्रति शेयर क़ीमत में जोड़ दें।

क्या इसे म्यूचुअल फंड के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ। शेयर और क़ीमत की जगह हर ख़रीद की यूनिट और NAV डालें।

बेचने पर मुनाफ़े पर टैक्स कैसे लगता है?

लिस्टेड शेयरों के मुनाफ़े पर, कितने समय रखा उसके हिसाब से, शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। अपने निवेश की बढ़त की दर CAGR कैलकुलेटर से देखें।